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Friday, 3 March 2017

Career In Fashion and Lifestyle - Retail management : Jobs, Career opportunities, Salary

पीजी डिप्‍लोमा इन फैशन एंड लाइफस्‍टाइल रिटेल मैनेजमेंट में संवारे भविष्‍य
-    प्रभुत्व तिवारी


ग्लोबलाइजेशन के साथ-साथ पूरी दुनिया में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी तेजी के साथ विकसित हो रहा है। इसकी वजह से ढेर सारे रोजगार के अवसर तेजी से बढ रहे हैं। इस नए दौर में ऐसे कई जॉब ओरिएंटेड कोर्सेज है जो आपको सीधे रोजगार की और लेकर जाते हैं। अब कोई कहे की रोजगार के अवसर कम हुए हैं या फिर रोजगार नहीं हैं तो यह बात कहीं से भी सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि अब दुनिया में रोजगार पाने के लिए योग्‍य लोगों की कमी है न कि रोजगार की। हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर हैं बस आपको उसके हिसाब से खुद को पारंगत करना है। इस मॉडर्न ज़माने में ज्यादातर लोगों को फैशन की समझ होती है जिससे वह यह आसानी से चुन लेते हैं की किस पर किस तरह के कपड़े ज्यादा अच्छे लगेंगे और उनके अन्दर इतनी क्रिएटिविटी भी होती है कि अगर उन्हें सही प्लेटफार्म दिया जाए तो वह इस सोच को एक अच्छे करियर के रूप में भी बदल सकते हैं। ऐसा ही एक रोजगार परक कोर्स है पीजी डिप्‍लोमा इन फैशन एंड लाइफ स्‍टाइल रिटेल मैनेजमेंट, जिसे करके आप रोजगार के योग्‍य बन जाएंगे। यह क्षेत्र इतना बडा है कि इसमें रोजगार की असीम संभावनाएं छिपी हैं। अगर आप फैशन एडवाइजर, रिटेल मार्केटिंग एग्‍जीक्‍यूटिव, विजुअल मर्चेंडाइजर्स, स्‍टोर मैनेजर, स्‍टोर डायरेक्‍टर, रिटेल हेड, ब्रांड हेड या फिर फैशन स्‍टाइलिस्‍ट बनना चाहते हैं तो यह विषय आपके लिए बहुत फायदेमंद है। 

कोर्स और योग्‍यता
पीजी डिप्‍लोमा इन फैशन एंड लाइफ स्‍टाइल रिटेल मैनेजमेंट यह 2 वर्ष का प्रोग्राम है। जिसमें 4 सेमेस्‍टर होते हैं, पहले सेमेस्‍टर में पूरा एकेडमिक सेशन होता है, जबकि दूसरे और तीसरे सेमेस्‍टर में एकेडमिक्‍स के साथ जॉब ट्रेनिंग दी जाती है। चौथे सेमेस्‍टर में फुल टाइम इंडस्‍ट्री में इंटर्नशिप का प्रावधान रखा गया है।  
इस कोर्स के लिए छात्र-छात्राओं को स्‍नातक होना जरूरी है। साथ ही स्‍टुडेंट की दिलचस्‍पी फैशन रिटेल इंडस्‍ट्री में होनी चाहिए। संस्‍थान उन छात्राओं को प्राथमिकता देते हैं, जिनका इस फील्‍ड में पैशन के साथ उन्‍हें फैशन की बेसिक समझ भी हो। इसके अलावा वो छात्र-छात्राएं जिनकी पर्सनालिटी और कम्‍यूनिकेशन स्किल अच्‍छी है, वो इस क्षेत्र में सफल स्‍टोर मैनेजर के तौर पर अपना करियर बना सकते हैं।

कहां कहां है अवसर

पोस्‍ट ग्रेजुएट डिप्‍लोमा इन फैशन एंड लाइफ स्‍टाइल रिटेल मैनेजमेंट कोर्स पूरा करने के बाद देशी व विदेशी फैशन रिटेल इंडस्‍ट्री व ब्रांडस में नौकरी के अवसर ढेरों विकल्‍प खुल जाते हैं। छात्र-छात्राओं को इसके बाद डिजाइनर स्‍टोर, ब्राइडल वेयर स्‍टोर, हाई फैशन आउटलेट, मल्‍टीब्रेंड स्‍टोर, कांसेप्‍ट स्‍टोर, मॉल्, मेगा मॉल और ब्रांडेड स्‍टोर में नौकरी आसानी से मिल जाती है। इसके अलावा भी बहुत सारे अवसर नौकरी व स्‍वरोजगार के रिटेल में मौजूद हैं। फैशन एडवाइजर, सीनियर फैशन एडवाइजर, रिटेल मार्केटिंग एक्‍जीक्‍यूटिव्‍स, विजुअल मर्चेंडाइजर्स, स्‍टोर मैनेजर, स्‍टोर डायरेक्‍टर, एरिया मैनेजर, एसोसिएट रिटेल हेड, रिटेल हेड, ब्रांड हेड, वार्डड्रोव मैनेजर, फैशन स्‍टाइलिस्‍ट जैसे बडे व प्रीमियम पद भी आपके नाम के साथ जुड सकते हैं अगर आप रिटेल में अपनी योग्‍यता बढाते हैं।

कुछ हटकर
रिटेल में लग्‍जरी सेक्‍टर 20 फीसदी सालाना की दर से आगे बढ रही है। यह तेजी पिछले कई सालों से जारी है। 2020 तक इस क्षेत्र में लगभग 28 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्‍मीद जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल्‍स, ज्‍वैलर्स, घडियां, रियल एस्‍टेट, वाइन, ट्रैवल एंड टूरिज्‍म में नए अवसर रोजगार के लिए वरदान साबित होगा। अभी इसमें सबसे बडी समस्‍या कुशल लोगों की है क्‍योंकि लग्‍जरी ब्रांड की सर्विस का अंदाज अलग होता है।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट
एलसीबीएस के फाउंडर एवं सीईओ अभय गुप्‍ता के मुताबिक, पोस्‍ट ग्रेजुएट डिप्‍लोमा इन फैशन एंड लाइफ स्‍टाइल रिटेल मैनेजमेंट अपनी तरह का अनूठा और बिलकुल न्‍या कोर्स कोर्स है, रिटेल की जरूरतें बढ रही हैं लेकिन इसमें कुशल लोगों की बेहद कमी है। यह एक शानदार रोजगार का क्षेत्र है जहां संभावनाओं की कमी नहीं है। मौजूदा विश्‍व परिवेश को देखकर पता चलता है कि आने वाले समय में इस सेक्‍टर में असीम रोजगार की संभावनाएं हैं। यह उन युवाओं के लिए एक सफल लांचिंग पैड है जिन्‍होंने अब तक कुछ न कुछ मिस कर दिया है।

आमदनी का जरिया


पीजी डिप्‍लोमा इन फैशन एंड लाइफ स्‍टाइल रिटेल मैनेजमेंट में दाखिला लिया है, फर्स्‍ट सेमिस्‍टेर के बाद इंटर्नशिप के लिए अलग अलग कंपनियों में भेजा जाता है, खास बात यह है कि इंटरर्नशिप के दौरान बतौर स्‍टाइपेंड 10 से 12 हजार रूपए मिलते हैं, कोर्स पूरा करते ही अगर आप जॉब के लिए जाते हैं तो शुरूआती सैलरी 20 से 25 हजार रूपए तक मिलती है और तजुर्बे के साथ साथ आमदनी में इजाफा होता चला जाता हैा


प्रमुख संस्‍थान

लग्‍जरी कनेक्‍ट बिजनेस स्‍कूल, एलसीबीएस, गुडगांव, हरियाणा

www.lcbs.edu.in

इंडियन रिटेल स्‍कूल, नई दिल्‍ली


इंडियन इंस्‍टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट एंड स्‍टडीज, मुंबई


Thursday, 2 March 2017

Hospitality Management - Career; Course; job Description; Career Opportunities; Salary

हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में है शानदार करियर

प्रभुत्व तिवारी 

भारत में बढ़ते पर्यटकों की संख्या के कारण यहां की होटल इंडस्ट्री खूब फल-फूल रही है। बीते सात सालों की बात करें तो भारतीय होटल इंडस्ट्री में 150 फीसदी की ग्रोथ हुई है। होटल इंडस्ट्री हर उस व्यक्ति के लिए आतिथ्य सत्कार के लिए तैयार है जो या तो सुविधाओं को अपनी हैसियत के अनुसार हासिल करना चाहता है या स्वागत सत्कार के गुणों के लिए अपने करियर की तलाश कर रहा है। यदि चाहते हैं उस दुनिया में जाना जहां एक तरफ आधुनिकता का स्वर्ग फैला है और दूसरी तरफ करियर की बुलंदियां हैं तो देर किस बात की। होटल मैनेजमेंट का कोर्स करिये और निकल पड़िए सेवा सत्कार के उस अभियान पर जहां पैसा भी है, नई नई जगहों पर जाने का अवसर भी है और अलग-अलग सभ्यता के लोगों को जानने का मंच भी है। इस इंडस्ट्री में जाने लायक काबिलियत हासिल करना कोई कठिन काम भी नहीं है। अपने मन मुताबिक फील्ड का चुनाव करें, पढ़ें, प्रैक्टिकल अनुभव लें और करियर की शुरूआत करें। एक अनुमान के मुताबिक आने वाले पांच सालों में होटल इंडस्ट्री में कैरियर की अपार संभावनाएं हैं।

Hospitality Management


कौन कौन से हैं कोर्स

इसमें यूं तो कई प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। जैसे कुकिंग एंड बेकरी, फ़ूड एंड बेवरेजेज, फ़ूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट आदि। इन सभी कोर्सेज में छात्र 3 साल की डिग्री से लेकर 6 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स तक कर सकता है।

कुकिंग एंड बेकरी


कुकिंग और बेकरी का कोर्स आपके लिए एक अच्छा ऑपशन बन सकता है, यदि आप एक बेहतर शेफ बनाना चाहते हैं। खाने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी से लेकर किचन का रख-रखाव शेफ की निगरानी में होता है। हालांकि कई बार शेफ को फ्रंट में भी आना पड़ता है। ये एक मैनेजरियल एक्टिविटी का ही हिस्सा होता है, ताकि उसे पता चल से कि लोगों को क्या पसंद आ रहा है। और उसके अनुरुप वो लोगों के लिए वही डिश तैयार करे ताकि लोग बार-बार स्वाद लेने वहां आए।

फ़ूड एंड बेवरेजेज


फूड एंड बेवरेज सर्विस विभाग मेहमानों की जरूरतों का खयाल रखता है। यह स्टाफ गेस्ट की टेबल तक उसकी पसंद का व्यंजन या पेय पहुंचाने का काम करता है। टेबल से दर रहते हुए वह गेस्ट की बॉडी लैंग्वेज पढ़ता है और उसके कहने से पहले ही निर्देशों का पालन कर देता है। एक फूड एंड बेवरेज ग्रेजुएट रूम सर्विस, बार, स्पेशलिटी रेस्टोरेंट, कैफे, डिस्कोथेक, नाइट क्लब, बैंक्विट में से किसी को चुन सकता है। मैनेजमेंट टेनी के रूप् में षुरूआत के बाद असिस्टेंट मैनेजर बनते हैं। कुछ जगहों पर सुपरवाइजरी स्तर पर स्टेषन हेड वेट का पद भी मिल सकता है। उसके बाद असिस्टेंट फूड एंड बेवरेज मैनेजर या डायरेक्टर का पद होता है। इसी पद से प्रबंधकीय कार्यों का आरंभ होता है। ग्राहकों या गेस्ट की जरूरतों का ध्यावा फूड एंड बेवरेज मैनेजर स्टाफ को भी प्रबंधित करता है और रेस्टोरेंट की व्यवस्था देखता है। कुल मिलाकर इस विभाग में काम करने वालों को एंटरप्रेन्योर की तरह रेस्टोरेंट या अन्य विभागों को चलाने का अनुभव मिलता है क्योंकि पूरे विभाग की जिम्मेदारी मैनेजर की होती है। यानी कुषन के रंग से लेकर मीनू के निर्णय या कहें सभी इंचार्ज यहीं होते हैं।

फ़ूड प्रोडक्शन
फुड प्रोडक्शकन का काम किसी भी रेस्तरांए होटलए फास्ट फूड ज्वाइंट या किसी भी फूड स्टॉल पर खाना बनाना होता है। फुड प्रोडक्शएन मैनेजर की भूमिका यहीं खत्मख नहीं हो जातीए मेन्यू प्लान करनाए सामान मंगानाए तैयारी की सुपरविजन करनाए किचन के स्टाफ को निर्देश देना भी उसकी जिम्मेदारियों में शामिल होता है। शेफ के रूप में अच्छी क्वालिटी का स्वादिष्ट खाना तैयार करना उसका धर्म है क्योंकि उसी के आधार पर ग्राहक आएंगे और फूड बिजनेस चलेगा। फुड प्रोडक्शेन मैनेजर को अलग.अलग किस्म के व्यंजनों और उन्हें तैयार करने की विधि के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट


फ्रंट ऑफिस हर उस काम को करने में तत्पर होता है जिससे ग्राहाकों यानी अतिथियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, उन्हें हर तरह से संतुश्ट किया जा सके। होटल के मानकों का पालन करते हुए अपनी सेवा से संतुश्ट करने में फ्रंट ऑफिस अपनी उपयोगिता साबित करता है। इस विभाग के लिए एक प्रबंधक नियुक्त होता है जो फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन को देखता है और पूरे बिजनेस प्लान के अनुसार हर काम व्यवस्थित रखता है। वह सुनिष्चित करता है कि होटल में आने वालों को यथासंभव सबसे अच्छी सर्विस दी जा सके। वह फ्रंट आॅफिस का अगुआ होने के नाते वहां से दी जाने वाली सेवाओं में किसी कोताही की गुंजाइष को खत्म करता है, साफ सफाई का ध्यान रखता है, मुस्कुराते हुए अतिथियों का स्वागत करता है और उन्हें यह अहसास कराने की कोषिष करता है कि वे सही होटल में हैं जहां उनका सबसे अच्छा ख्याल रखा जाएगा।

योग्यता

इन पाठ्यक्रमों को करने के लिए किसी भी मान्यताप्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 12वीं या इसके समकक्ष उत्तीर्ण होना जरूरी है। 12वीं में अंग्रेजी एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ी होनी चाहिए। न्यूमैंरिकल एबिलिटी, सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान की जानकारी भी बेहद जरूरी है। साथ ही हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की समझ हो तो बेहतर है। इस इंडस्ट्री में कामयाब होने के लिए कुछ व्यक्तिगत गुणों का होना भी जरूरी है जैसे, मृदुभाशी होना, कितनी भी परेशानी हो, चेहरे पर न आने देना, सेवा सत्कार को धर्म की श्रेणी में रखना आदि।

कहां कहां है अवसर

होटलों में काम करने के अलावा और भी कई ऐसे स्थान हैं जहां होटल मैनेजमेंट की डिग्री या डिप्लोमा करने वालों को नौकरी मिल सकती है। रेस्तरां या फास्ट फूड ज्वाइंट, क्रूज शिप, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन एंड केटरिंग, इंस्टीट्यूशनल एंड इंडस्ट्रियल केटरिंग, एयरलाइन केटरिंग, होटल एंड केटरिंग इंस्टीट्यूट्स, रेलवे, बैंक या अन्य बड़े संस्थानों में कैंटीन।

प्रमुख संस्थान

नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, नोएडा

इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली

एलबीआईआईएचएम, पीतमपुरा, नई दिल्ली

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा

Wednesday, 1 March 2017

Career In Digital Marketing - Job Description; Career Opportunities; Salary


डिजिटल मार्केटिंग के करियर में स्कोप
-    प्रभुत्व तिवारी
डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट, कम्प्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिये की जाने वाली मार्केटिंग है। इसे ऑनलाइन मार्केटिंग भी कह सकते हैं। परंपरागत और डिजिटल मार्केटिंग के तौर-तरीके भले ही अलग हों लेकिन मकसद एक ही है: उत्पाद के प्रति ग्राहक में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता विकसित करना। डिजिटल मार्केटिंग में सोशल मीडिया, मोबाइल, ईमेल, सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) आदि को टूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसमें डिजिटल माध्यम के जरिए प्रचार, उपभोक्ताओं को आकर्षित करना तथा सेवाएं प्रदान करना शामिल है। डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट मार्केटिंग का एक प्रमुख घटक है। यह ई-मेल, सोशल मीडिया वेबसाइट, ऑनलाइन कम्युनिटीज, कांफ्रेंस, ब्लॉग, ग्राफिक बैनर फ्लोटिंग और इन्टरनेट पर पॉप अप विज्ञापनों के जरिए प्रचार करने पर आधारित है। इसमें लक्षित विज्ञापन लेख, चर्चाएं, लिंक्स टिप्पणियां भी शामिल होती हैं।

डिजिटल मार्केटिंग में करियर अवसर कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं, इसका अंदाजा आप देश में हो रहे डिजिटलाइजेशन से देख सकते हैं। एक सर्वे के मुताबिक आने वाले 5 सालों में 15 से 20 लाख रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आज हमारी दुनिया धीरे-धीरे ही मगर बड़े सधे कदम के साथ डिजिटाइज हो रही है। हम महज एक क्लिक और माउस के झटके से तमाम जानकारियों को हासिल कर सकते हैं। जाहिर है कि इस काम के पीछे ढेरों एक्सपर्ट्स की मेहनत है। वह दिन-रात लग कर इन कामों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में इस डिजिटल युग में आप भी अपना करियर तलाश सकते हैं।

स्किल्स रिक्वायर्ड
इस क्षेत्र में सफल करियर बनने के लिए आपको निरंतर अपने कौशल तथा प्रौद्योगिकी, मार्केटिंग और डिजिटल मीडिया के संदर्भ में ज्ञान को बढ़ाना होगा। रचनात्मकता के अलावा आपको अच्छे तकनीकी कौशल की भी
जरूरत होगी। तकनीकी कुशलता के संदर्भ में आपको वेब डिजाइन, सोशल मीडिया और वेब संबंधी सॉफ्टवेयर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। विश्लेषणात्मक कौशल, अनुसंधान कौशल, नेतृत्व कौशल और संचार कौशल भी अपेक्षित है। अगर आप इस क्षेत्र में प्रवेश करना चाह रहे हैं तो आपको घंटों कम्प्यूटर पर बैठने के लिए तैयार रहना चाहिए। आपको उपयोगकर्ता के आवागमन और व्यवहार के अध्ययन, उपयुक्त आंकड़ों के विश्लेषण तथा विभिन्न मार्केटिंग रणनीतियों के साथ प्रयोग करने में समय बिताना होगा।



कौन से कोर्स?
डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको मार्केटिंग, आईटी, जनसंचार, विज्ञापन या सेल्स में डिग्री की जरूरत है। इसके अलावा कई संस्थान डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में पीजी डिप्लोमा और एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी मौजूद करा रहें हैं। अगर आप इस क्षेत्र में ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं, तो आपको डिजिटल मार्केटिंग के सभी आयामों का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। इसलिए आपको अन्य विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में हाथ आजमाना होगा और अन्य कौशल सीखने होंगे।

करियर की संभावनाएं
कारोबार में डिजिटल मार्केटिंग का महत्व बढ़ रहा है उससे इस क्षेत्र में करियर के व्यापक अवसर का पता चलता है। विशेष रूप से पारंपरिक मार्केटिंग के प्रोफेशनल्स और टेक्नोलॉजी का ज्ञान रखने वाले युवाओं के बीच डिजिटल मार्केटिंग एक करियर विकल्प के रूप में तेजी से जगह बना रहा है। इस क्षेत्र में कॉपी एडिटर, स्टोरी बोर्ड आर्टिस्ट, एनिमेटर्स, प्रोग्रामर्स, वेब डिजाइनर और मीडिया प्रबंधकों जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के लिए रोजगार के ढेरों अवसर उपलब्‍ध हैं। एक डिजिटल विक्रेता के रूप में आप डिजिटल मार्केटिंग की पूरी प्रक्रिया या उसके किसी भी एक चरण से जुड़ सकते हैं। डिजिटल मार्केटिंग सॉल्युशन कंपनियों और व्यवसाय संगठनों के मार्केटिंग के विभागों में रोजगार के खासा अवसर उपलब्‍ध हैं। आजकल सोशल मीडिया विभागों का भी चलन है, तो उसमें भी एक विकल्प है। आप अपनी मार्केटिंग कंपनी भी खोल सकते हैं या फ्रीलांस भी कर सकते हैं।

नेचर ऑफ़ वर्क
आजकल किसी भी कंपनी में डिजिटल मार्केटिंग स्पेशलिस्ट की बड़ी अहमियत होती है। ये डिजिटल मार्केटिंग टीम के अहम सदस्य होते हैं। डिजिटल मार्केटिंग मटेरियल को तैयार करने और उसे मेंटेन रखने की जिम्मेदारी इन्हीं पर होती है। कंपनीज के लिए प्रोफेशनल्स वेब बैनर ऐड, ईमेल्स और वेबसाइट्स बनाकर उनकी ब्रांडिंग करते हैं। इंटरनेट और डिजिटल टेक्नोलॉजी के लिए मार्केटिंग कैंपेन तैयार करते हैं, जिसे मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिये प्रचारित-प्रसारित किया जाता है। इस फील्ड में काम करने वाले प्रोफेशनल्स की कम्युनिकेशन स्किल, इंटरनेट स्किल, ऑर्गेनाइजेशनल स्किल और पर्सनल वर्किंग एबिलिटी अच्छी होती है। साथ ही, इन्हें डायरेक्ट सेल्स और डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स की भी अच्छी जानकारी होती है।
कोर्स एवं योग्यता
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग में प्रवेश लेने के लिए अभ्यर्थी का ग्रेजुएट होना जरुरी है। जो युवा मार्केटिंग, कम्युनिकेशन या फिर ग्राफिक डिजाइन में ग्रेजुएट हैं, उनके लिए यह कोर्स और भी लाभदायक साबित हो सकता है। आम तौर पर कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को टारगेट मार्केट आइडेंटिफिकेशन, एडवर्टाइजिंग स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग कैंपेन एनालिसिस, कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी, टेक्नोलॉजी, बेसिक मार्केटिंग कॉन्सेप्ट्स, सर्च इंजन मार्केटिंग आदि की जानकारी दी जाती है ताकि प्रभावी तरीके से संदेश लोगों तक पहुंचाया जा सके।
अवसर
डिजिटल मार्केटिंग का दायरा बहुत बड़ा है। ई-कॉमर्स उद्योग में बूम आने से छोटी-बड़ी सभी कंपनीज अपनी ऑनलाइन उपस्थिति बढ़ाने के लिए खुद की डिजिटल मार्केटिंग टीम बना रही हैं। इसके अलावा, डिजिटल मार्केटिंग एजेंसीज और ई-कॉमर्स कंपनियों में भी ढेर सारे अवसर हैं। देशी-विदेशी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स, सर्विस प्रोवाइडिंग कंपनीज, रिटेल कंपनीज आदि भी अनेक अवसर उपलब्‍ध करा रही हैं। यहां आप इन पदों पर नौकरी पा सकते हैं: डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर, कंटेंट मार्केटिंग मैनेजर, सोशल मीडिया मार्केटिंग स्पेशलिस्ट, वेब डिजाइनर, ऐप डेवलपर, कंटेट राइटर, सर्च इंजिन मार्केटर, इनबाउंड मार्केटिंग मैनेजर, एसईओ एग्जीक्यूटिव, कनवर्जन रेट ऑप्टिमाइजर आदि।

सैलरी पैकेज
डिजिटल मार्केटिंग फील्ड में सैलरी भी शानदार है। फ्रेशर्स को शुरूआत में 15 से 20 हजार रुपए प्रति माह सैलरी मिल जाती है। महज कुछ साल के अनुभव वाले यहां 10 से 12 लाख रुपए का पैकेज पाते हैं।
प्रमुख संस्थान
·        इंस्टिट्यूट ऑफ़ मार्केटिंग कम्युनिकेशन्स इंडिया, नॉएडा
·        भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली
·        एसपी जैन स्कूल ऑफ़ ग्लोबल मैनेजमेंट, मुंबई

Monday, 27 February 2017

Blood Bank Technician बन सवारें भविष्य

Blood Bank Technician बन सवारें भविष्य

ब्लड बैंक टेक्नोलॉजी मेडिकल और क्लिनिकल लैब टेक्नोलॉजी की फील्ड में एक व्यापक श्रेणी में आता है। ब्लड बैंक तकनीशियन, आमतौर पर फ्लेबोटोमिस्ट के रूप में प्रशिक्षित किये जाते हैं और यह मरीजों के साथ विभिन्न सेटिंग्स, ब्लड को इकट्ठा करने और लेबलिंग करने का काम करते हैं। ब्लड बैंक तकनीशियन आमतौर पर मेडिकल प्रयोगशालाओं और ब्लड बैंक्स में काम करते हैं। जहाँ यह संचरण के लिए डोनर से ब्लड कलेक्ट करके स्टोर करते हैं। इसके अलावा ब्लड का टाइप, और कलेक्ट किया ब्लड सुरक्षित है की नहीं, ब्लड में स्वस्थ अणुओं के स्तर का भी प्रशिक्षण करते हैं। ब्लड बैंक तकनीशियन का कोर्स नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के तहत आता है और इस कोर्स को करके आप एक अच्छा भविष्य तो बना ही सकते हैं साथ ही प्रधानमंत्री के मिशन कौशल भारत, कुशल भारत में भी साथ दे सकेंगे। 


  
जॉब प्रोफाइल

ब्लड बैंक तकनीशियन की ज्यादातर गतिविधियां कार्यालय आधारित होती हैं। वह ब्लड बैंक्स और प्रयोगशालाओं में ही काम करते हैं। डोनर से ब्लड लेकर उसकी बारीकी से रिसर्च करना, उस ब्लड का टाइप पता करने और खासकर वह ब्लड कितना सुरक्षित है यह देखना फर आपातकालीन समय के लिए उस ब्लड को स्टोर करने तक का काम ब्लड तकनीशियन का ही होता है। इसके अलावा हॉस्पिटल्स की लैब में पेशेंट्स के ब्लड की जांच करना और उससे सम्बन्धी जानकारियों को इकठ्ठा करना ही ब्लड बैंक तकनीशियन का काम होता है। इन सभी कार्य के साथ-साथ तकनीशियन ब्लड का रिकॉर्ड भी तैयार करता है। जो उम्मीदवार इस फील्ड में अपना करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने की छमता होनी आवश्यक है और साथ ही उनमे एक अच्छा विश्लेषणात्मक कौशल भी होना चाहिये।

कोर्स एंड एलिजिबिलिटी 

डीपीएमआई की प्रिंसिपल अरूणा सिंह के मुताबिक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स इन ब्लड बैंक टेक्नोलॉजी के लिए अभ्यर्थी का किसी भी संकाय वा किसी भी मान्यताप्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इन कोर्स के दौरान अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग में खासा ध्यान रखा जाता है, जिसमे उन्हें तरह तरह के ब्लड सैंपल्स की जांचे करना सिखाई जाती हैं और इसके अलावा ब्लड की हर एक जरुरी तत्व को समझाया जाता है। साथ ही कोर्स के दौरान आपातकालीन स्थिति या किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में किस तरह से निपटा जाए और कैसे उस स्तिथि में काबू पाया जाए वोभी सिखाया जाता है। इस फील्ड में आप एसएससी के द्वारा भी परीक्षा देकर किसी भी सरकारी पद के लिए आवेदन कर सकते है। 



अवसर

यूं तो इस कोर्स में डिप्लोमा लेने के बाद हर राज्य में सरकारी व गैर सरकारी विभाग में नौकरी के कई नए अवसर खुल जायेंगे। इसके अलावा अभ्यर्थी प्राइवेट हॉस्पिटल्स या प्राइवेट लैब में भी काम करके खासा पैसा कम सकता है। वर्तमान समय की अगर बात की जाए तो मेडिकल लैब की मार्किट में भरमार है और बड़ी बड़ी कंपनियां जैसे डॉ पथ लैब और रैनबैक्सी तो हर एक शहर में अपनी लैब खोली है जिसमे ब्लड बैंक डिपार्टमेंट में खासा डिमांड है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालो के ब्लड बैंक्स में भी अभ्यर्थी नौकरी पा सकता है।

सैलरी 

डिप्लोमा और सर्टिफिकेट इन ब्लड बैंक टेक्नोलॉजी का कोर्स करने के बाद आप बतौर तकनीशियन के तौर पर किसी भी ब्लड बैंक बैंक में काम कर सकते हैं। और अनुभव के आधार पर आप रिसर्च करके ब्लड बैंक स्पेशलिस्ट भी बन सकते हैं। इन्हें शुरूआती वेतन के तौर पर 10 हजार से लेकर 15 हजार तक मिल सकता है। लेकिन तजुर्बे के आधार पर उनके वेतन में इजाफा होता चला जाता है। साथ ही खुद की लैब भी शुरू कर सकते हैं या किसी प्राइवेट लैब में भी वे उचित वेतन पर काम कर अपना करियर संवार सकते हैं।



प्रमुख संस्थान

दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली

महर्शि मर्केंडेष्वर यूनिवर्सिटी, अम्बाला, हरियाणा

शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़

इंडियन मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, जालंधर, पंजाब
प्रभुत्व तिवारी